॥ पुरोहित संघ त्र्यंबकेश्वर ॥
“वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः”
FAQ

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नारायण नागबळी

नारायण नागबली पूजा किसीभी व्यक्ति को क्यों करनी चाहिए?
किसी व्यक्ति की अप्राकृतिक तरिके से मृत्यु हुई हो तो उसे मोक्ष दिलाने के लिए नारायण बली पूजा की जाती है, तथा नागबली पूजा सांप को मारने के पाप से मुक्त होने के लिए की जाती है।
नारायण नागबली पूजा कब करनी चाहिए?
अमावस्या, द्वादशी और पूर्णिमा के दिन पर त्र्यंबकेश्वर मंदिर में नारायण नागबली पूजा करना पुरोहितों द्वारा सुझाया गया है।
क्या दोनों नारायण बली और नाग बली पूजा अलग-अलग है?
नारायण बली और नाग बली पूजा दोनों अलग अनुष्ठान है, जो ऊपर दिए गए अलग-अलग कारण के लिए किए जाते हैं।
त्र्यंबकेश्वर मंदिर में ही नारायण नागबलि पूजा करना क्यों अनिवार्य है?
प्राचीन हिंदू ग्रंथों के अनुसार नारायण नागबली पूजा त्र्यंबकेश्वर मंदिर में ही करनी चाहिए। इसका संदर्भ "स्कन्द पुराण" और "पदम् पुराण" में भी किया गया है।
नारायण नागबली पूजा कैसी करनी चाहिए?
यह पूजा तीन दिनों का अनुष्ठान है, जिसमें पुरोहितों द्वारा सुझाए गए पवित्र सामग्री का उपयोग किया जाता है और देवताओं की पूजा की जाती है।
नारायण नागबली पूजा के क्या फायदे है?
यह पूजा करने से सभी पूर्वजो (जिनकी मृत्यु अप्राकृतिक तरीके से हुई है) द्वारा निर्मित समस्याएं, शाप का नाश होता है, बुरे सपनों (अभिशाप और काले जादू) से राहत मिलती है।
नारायण नागबली पूजा करते समय क्या वस्त्र परिधान करने चाहिए?
यह एक पुराणों में लिखी गयी पारंपरिक पूजा है। पुरुषों के लिए धोती और महिलाओं के लिए साड़ी (सफेद रंग) पहनना चाहिए।

कालसर्प योग दोष

मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरी कुंडली में कालसर्प दोष है?
जब सभी ग्रह राहु और केतु के बीच स्थित होते हैं, तब कालसर्प दोष बनता है।
क्या कालसर्प दोष हानिकारक है?
यदि सही विधि से निवारण न किया जाए तो कालसर्प दोष के कारण विलंब, असफलता, मानसिक तनाव, आर्थिक हानि और स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं।
कालसर्प दोष निवारण पूजा किसे करनी चाहिए?
बार-बार असफलता, विवाह में देरी, करियर संबंधी समस्याएँ या पारिवारिक कठिनाइयों का सामना करने वाले लोगों को यह पूजा करनी चाहिए।
कालसर्प दोष कितने समय तक रहता है?
ग्रह स्थिति के अनुसार कालसर्प दोष के प्रभाव कई वर्षों तक रह सकते हैं, लेकिन शांति पूजा से इन प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कालसर्प दोष का उपाय क्या है?
त्र्यंबकेश्वर में की जाने वाली कालसर्प दोष शांति पूजा सबसे प्रभावी उपाय है।
कालसर्प शांति पूजा में कितना समय लगता है?
विधि और मंत्रों के अनुसार यह पूजा सामान्यतः 3 से 4 घंटे तक चलती है।
कालसर्प पूजा के लिए कौन-सी सामग्री लगती है?
मूर्तियाँ, अनाज, फूल और पवित्र सामग्री सहित सभी आवश्यक सामग्री पुरोहितों द्वारा उपलब्ध कराई जाती है।
कालसर्प पूजा की लागत कितनी होती है?
पूजा की लागत पूजा के प्रकार और पुरोहित पर निर्भर करती है, सामान्यतः इसमें सामग्री और दक्षिणा शामिल होती है।
कालसर्प शांति पूजा कब करनी चाहिए?
ज्योतिषी या पुरोहित द्वारा बताए गए शुभ मुहूर्त में यह पूजा करनी चाहिए।

त्रिपिंडी श्राद्ध और पितृ दोष

पितृ दोष कैसे दूर करें?
त्र्यंबकेश्वर मंदिर में त्रिपिंडी श्राद्ध करने से पितृ दोष दूर किया जा सकता है।
त्रिपिंडी श्राद्ध क्यों किया जाता है?
यह उन पूर्वजों को शांति देने के लिए किया जाता है जिनका श्राद्ध विधि पूर्ण रूप से नहीं हुआ होता।
त्रिपिंडी श्राद्ध कब करना चाहिए?
यह अमावस्या या पितृ पक्ष के दिनों में करना सर्वोत्तम माना जाता है।
क्या पितृ दोष के लिए त्रिपिंडी श्राद्ध आवश्यक है?
हाँ, यह पितृ दोष को स्थायी रूप से दूर करने का सबसे प्रभावी उपाय है।
तर्पण क्या है और क्यों किया जाता है?
तर्पण का अर्थ है पूर्वजों की आत्मा को जल अर्पित करना, जिससे वे संतुष्ट होते हैं।
क्या महिलाएँ पिंडदान कर सकती हैं?
हाँ, महिलाएँ पिंडदान और श्राद्ध विधि कर सकती हैं।
त्रिपिंडी श्राद्ध के दौरान क्या टालना चाहिए?
मद्यपान, मांसाहार और नकारात्मक व्यवहार से बचना चाहिए।
त्रिपिंडी श्राद्ध में कितना समय लगता है?
यह विधि सामान्यतः 3 से 4 घंटे तक चलती है।
त्रिपिंडी श्राद्ध किसे करना चाहिए?
परिवार में समस्याएँ या पूर्वजों से संबंधित बाधाओं का सामना करने वाले किसी भी व्यक्ति को यह विधि करनी चाहिए।

महामृत्युंजय जप

महामृत्युंजय जप में कितना समय लगता है?
महामृत्युंजय जप माला विधि सामान्यतः 7 से 8 घंटे तक चलती है।
महामृत्युंजय मंत्र का जप कैसे करें?
मंत्र का जप श्रद्धा के साथ, रुद्राक्ष माला का उपयोग कर, पुरोहितों के मार्गदर्शन में करना चाहिए।
महामृत्युंजय जप का उद्देश्य क्या है?
यह जप स्वास्थ्य, दीर्घायु, दुर्घटनाओं से सुरक्षा और आध्यात्मिक उन्नति के लिए किया जाता है।
महामृत्युंजय जप के लिए कौन-सा दिन उपयुक्त है?
सोमवार, प्रदोष काल और महाशिवरात्रि अत्यंत शुभ माने जाते हैं।
महामृत्युंजय जप के लिए शुभ मुहूर्त कौन-सा है?
ब्रह्म मुहूर्त और प्रातःकाल मंत्र जप के लिए सर्वोत्तम समय होता है।
महामृत्युंजय जप की लागत कितनी होती है?
लागत माला की संख्या और विधि के प्रकार पर निर्भर करती है।

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